वास्तु के अनुसार रसोई कहाँ होना चाहिए?

वास्तु रसोई को आदर्श रूप से दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) में रखता है. उत्तर-पश्चिम (वायव्य), पूर्व, दक्षिण, और पश्चिम भी स्वीकार्य हैं. इसे उत्तर-पूर्व (ईशान्य), उत्तर, दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य), और केंद्र (ब्रह्मस्थान) में रखना अशुभ माना जाता है.

दिशा मार्गदर्शिका

आदर्शदक्षिण-पूर्व (आग्नेय)
स्वीकार्यउत्तर-पश्चिम (वायव्य)पूर्वदक्षिणपश्चिम
वर्जितउत्तर-पूर्व (ईशान्य)उत्तरदक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)केंद्र (ब्रह्मस्थान)

क्यों

अग्नि देव आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) दिशा के स्वामी हैं; रसोई अग्नि तत्व का रूप है और वहीं शोभा देती है (वायव्य स्वीकार्य विकल्प है)।

— VastuVerdict नियम आधार v1.1 (मुख्यधारा सर्वसम्मति)

क्या पहले से ऐसा बना है?

संभव हो तो रसोई को आग्नेय में ले जाएँ। यदि स्थिर है, तो चूल्हा कक्ष के आग्नेय कोण में रखें और पूर्व की ओर मुख करके भोजन बनाएँ।

2 मिनट में अपने पूरे घर की जाँच करें — मुफ़्त

अभी जाँचें