उत्तर-पूर्व (ईशान्य) में कार्यस्थल: दोष कितना गंभीर, और उपाय क्या?
उत्तर-पूर्व (ईशान्य) में कार्यस्थल एक मामूली वास्तु दोष है (भार 1/4). वास्तु के अनुसार इसे आदर्श रूप से पश्चिम और दक्षिण में होना चाहिए. उत्तर-पश्चिम (वायव्य), दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य), उत्तर, पूर्व, दक्षिण-पूर्व (आग्नेय), और केंद्र (ब्रह्मस्थान) भी स्वीकार्य हैं.
MINOR यह एक मामूली दोष है, VastuVerdict स्कोर में भार 1/4.
दिशा मार्गदर्शिका
आदर्शपश्चिमदक्षिण
स्वीकार्यउत्तर-पश्चिम (वायव्य)दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)उत्तरपूर्वदक्षिण-पूर्व (आग्नेय)केंद्र (ब्रह्मस्थान)
वर्जितउत्तर-पूर्व (ईशान्य)
क्यों
कर्मचारी पश्चिम/दक्षिण में बैठें और एकाग्रता हेतु उत्तर या पूर्व की ओर मुख करें।
— VastuVerdict नियम आधार v1.1 (मुख्यधारा सर्वसम्मति)
क्या पहले से ऐसा बना है?
कर्मचारियों को तल के पश्चिम/दक्षिण भाग में, उत्तर/पूर्व की ओर मुख करके बिठाएँ।
2 मिनट में अपने पूरे घर की जाँच करें — मुफ़्त
अभी जाँचें