वास्तु के अनुसार कार्यस्थल कहाँ होना चाहिए?
वास्तु कार्यस्थल को आदर्श रूप से पश्चिम और दक्षिण में रखता है. उत्तर-पश्चिम (वायव्य), दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य), उत्तर, पूर्व, दक्षिण-पूर्व (आग्नेय), और केंद्र (ब्रह्मस्थान) भी स्वीकार्य हैं. इसे उत्तर-पूर्व (ईशान्य) में रखना अशुभ माना जाता है.
दिशा मार्गदर्शिका
आदर्शपश्चिमदक्षिण
स्वीकार्यउत्तर-पश्चिम (वायव्य)दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)उत्तरपूर्वदक्षिण-पूर्व (आग्नेय)केंद्र (ब्रह्मस्थान)
वर्जितउत्तर-पूर्व (ईशान्य)
क्यों
कर्मचारी पश्चिम/दक्षिण में बैठें और एकाग्रता हेतु उत्तर या पूर्व की ओर मुख करें।
— VastuVerdict नियम आधार v1.1 (मुख्यधारा सर्वसम्मति)
क्या पहले से ऐसा बना है?
कर्मचारियों को तल के पश्चिम/दक्षिण भाग में, उत्तर/पूर्व की ओर मुख करके बिठाएँ।
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